Amritsar Train Accident में एक माँ का दर्द, डेढ़ साल के बेटे को खोया

Amritsar Train Accident में एक माँ का दर्द, डेढ़ साल के बेटे को खोया

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ज़िंदगी की एक सच्चाई है कि जो इस दुनिया मे आया है उसे एक दिन दूर चले ही जाना है सब छोड़ कर। ये मोह ये माया सब यही पीछे रह जाना है। लेकिन फिर भी दुनिया इस चीज़ को अपने जीते जी नही मानती। जब कोई प्राणी इस दुनिया मे जन्म लेता है तो उनके माँ-बाप के साथ एक भावात्मक रिश्ता जुड़ जाता है। जो पूरी उम्र तक साथ रहता है।

Amritsar Train Accident
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अमृतसर में दशहरा एक काल की तरह बन कर आया और काफी सारे परिवारों को एक झटके में खत्म कर गया। गलती किसी की भी हो लेकिन किसी न किसी ने अपने पिता, माँ, बेटी, बेटे, पति और भाई को खोया है। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में अमृतसर की ही एक माँ जिसने ना सिर्फ अपने पति को खोया है बल्कि अपनी आंख के तारे जिसे अभी इस दुनिया मे आये सिर्फ डेढ़ साल ही हुआ था उसे भी खो दिया है।

Amritsar Train Accident
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अमृतसर के महिपाल पुर शमशान घाट में जब अपनी आंखों के सामने अपने मासूम बच्चे को दफनाते हुई देख रही इस माँ से रहा नही गया। और बस एक नज़र अपने कलेजे के टुकड़े को बिना पलक झपकाए देखी जा रही थी। दफनाने से पहले माँ ने मासूम को काला टिका लगाया। और बच्चे के साथ टॉफियां और खिलौनों को भी साथ मे रखा गया। शिवम की माँ आरती बस बार बार एक ही बात कह रही थी कि मेरा बेटा अभी सो रहा है, भूख लगी होगी इसे। मै इसे नहलाकर तैयार करूंगी। लेकिन जब माँ की गोद से बच्चे को लिया गया तो वो वही बिफर कर बेहोश हो गयी। बाद में मिट्टी डालकर अपने कलेजे के टुकड़े को अलविदा कहा।

यहाँ क्या गुजरी है माँ पर शायद ही कोई जान पाए। नौ महीने तक जिसके लिए इतना दर्द सहा की जब वो आएगा तो खुशियों का संसार बन जायेगा। लेकिन क्या पता कि ये खुशियों पर बस डेढ़ साल का ही अधिकार था। एक माँ के लिए अपनी आंखों के सामने इस तरह से अपने मासूम को अलविदा कहना वाकई काफी दर्दनाक है।